फुटबॉल खेल के बारे में पूरी जानकारी (हिंदी में)

फुटबॉल खेल अभी के समय में सबसे जयादा खेले जाने वाले खेलो में से एक है। और अभी की समय में दुनिया में सबसे ज्यादा फुटबॉल के प्रेमी ही है। आज हम फुटबॉल के खेल के बारे में जानकारी देने वाले है जिसमे आपको इस खेल के इतहास के साथ साथ और भी बहुत सारी जानकारिया हिंदी भाषा में मिलने वाली है।

फुटबॉल का इतिहास कैसा रहा है।

फुटबॉल के बारे में बहुत सारे लोगो को ऐसा लगता है की इस खेल की शुरुआत अभी के समय में ही हुए है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दे की फुटबॉल एक बहुत ही प्राचीन खेल है जिसकी शुरुआत 500 ईसा पूर्व से मानी जाती है और इसके बहुत सारे प्रमाण भी मिलते है जो की ये बताते है की फुटबॉल का खेल पुराने समय से ही अस्तित्व में रहा है। रोम देश के क्षेत्र में भी फुटबॉल के जैसा ही एक खेल खेला जाता था जिसको उस समय हरपेस्टम (Harpestum) के नाम से जाना जाता था।

रोमनों ने इसे छोटी गेंद का खेल भी कहा था जो की एक छोटी सी बॉल से खेला जाता था। इस खेल में इस्तेमाल की गई गेंद छोटी थी (फॉलिस, पैगनिका या फुटबॉल के आकार की गेंद जितनी बड़ी नहीं) जो कठोर और शायद सॉफ्टबॉल के आकार और दृढ़ता से भरी हुई थी।

फुटबॉल खेल की जैसी ही खेल का अस्तित्व चीन के पूर्व साम्राज्य में पाया गया था यहाँ पर इस खेल का नाम सुचू था। और इस सब का शाब्दिक अर्थ आता है गेंद को मारना। और इस समय यही खेल रोम में भी प्रचलित हो रहा था इसलिए इस खेल की शुरुआत 300 और 500 ईसा पूर्व से ही मानी जाती है।

आधुनिक फुटबॉल की शुरुआत।

यूरोप के कुछ देशो में इस खेल की लोकप्रियता इस हद तक बढ़ गयी थी की वहा के गवर्नर को इस खेल को निषिद्ध करना पड़ा था। हुवा यु था की ये खेल 1365 ईस्वी के आस पास बहुत ज्यादा फेमस हुवा था तो सेना के जवान अपनी प्रैक्टिस को छोड़कर इस खेल पर ध्यान देने लगे तो फिर एडवर्ड तृतीय ने इस खेल को इंग्लैं में बंद कर दिया था। इसके बाद में एलिजाबेथ प्रथम के द्वारा इस प्रतिबंद को हटाया गया था और अभी के समय में इस खेल पर किसी भी तरह की कोई रोक टोक नहीं है। आधुनिक फुटबॉल की शुरुआत भी इंग्लैंड से ही मानी जाती है।

फुटबॉल के क्लब का गठन।

अभी के समय में दुनिया भर में फुटबॉल के अलग अलग क्लब है लेकिन शुरुआत की बात करे तो इन क्लबों की शुरुआत भी इंग्लैंड से ही हुई है। दुनिया का सबसे पहला फुटबॉल क्लब शोफील्ड फुटबॉल क्लब है। इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर 1857 इंग्लैंड से हुई है। इसके बाद में फुटबॉल में नियमो को बनाने और दूसरे कामो के करने के लिए 1863 में एसोसिएशन फुटबॉल (A.F) की स्थापना की गयी थी जिसकी सहायता से नियमों की शुरुआत हुई थी और एक टीम में 11 प्लेयर होंगे इसकी शुरुआत भी एसोसिएशन फुटबॉल (A.F) के द्वारा की गयी थी। इसके बाद में कुछ मुख्य बदलाव जैसे की गोल-किक एवं कार्नरकिक और साथ में लाईन मैन एवं रेफरी का वर्तमान स्वरूप 1891 में शुरू हुआ था जो की फुटबॉल एसोसिएशन के द्वारा लागु किया गया था।

फुटबॉल और ओलम्पिक।

अभी के समय में ओलम्पिक खेलो में फुटबॉल को भी देखा जाता है, लेकिन शुरुआत के समय में फुटबाल को ओलिंपिक खेलो में शामिल नहीं किया गया था ओलम्पिक में फुटबॉल को 1908 में शामिल किया गया था। उस समय ओलम्पिक खेलो का आयोजन फीफा नमक संस्था कराती थी जो की अभी के समय में भी इसी नाम से जानी जाती है। इस संस्था की शुरुआत 21 मई 1904 को पेरिस में हुई थी और जब फुटबॉल को ओलम्पिक में जोड़ा गया था तब इसके अध्यक्ष फ्रांस के गुरिन थे।

भारत में फुटबॉल की शुरुआत।

भारत में फुटबाल अभी के समय में भी क्रिकेट जितना पॉपुलर नहीं है लेकिन शुरुआत के समय में फुटबॉल को ही ज्यादा महत्व दिया जाता था, क्युकी फुटबाल को बहुत सारे देशो में खेला जाता था और क्रिकेट को इतने देशो में नहीं खेला जाता था। फुटबॉल खेल की शुरुआत आधारिक तोर पर 1882 ई० के लगभग बंगाल में हुई थी। कलकत्ता क्लब डलहौजी एवं कलकत्ता टाऊन क्लब दोनों खेल संगठनों ने मिलकर इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन (IFA) कौ स्थापना की। इसके बाद में फुटबॉल को आगे बढ़ने के लिए आखिर भारतीय फुटबॉल फेडरेशन की स्थापना की गयी थी। जो की अभी के समय में फुटबॉल के सभी बड़े और छोटे इवेंट करवाती है।

इसके बाद में बात करे तो 1951 में भारत ने एशियाई खेलों में फुटबॉल की टीम उतारी थी जो की स्वर्ण पदक जितने के बाद भारत लौटी थी। अभी के समय में भारत की ज्यादा बह्गीदारी नहीं रह है इंटरनेशनल मैचों मे।

फुटबॉल के मैच में काम में लिए जाने वाले प्रमुख शब्द।

फुटबॉल के मैच में अभी के समय में बहुत सारे नियम होते है और इन नियमो के लिए एक शब्द का उपयोग किया जाता है। हालाँकि कुछ शब्द सभी खेलो में एक समान ही होते है लेकिन कुछ ऐसे शब्द होते है जो की केवल फुटबॉल के लिए ही काम में लिए जाते है।

कॉर्नर किक (Corner) – ये एक स्पेशल प्रकार का किक होता है जो की तब काम में लिया जाता है जब गेंद विजयी दल को छूती हुई गोल लाइन के बाहर जाती है और उसी समय आक्रामक दल को कॉर्नर किक मिलता है।

ऑफ साइड किक (offside) – ऑफ साइड (offside) किक को फाल्ट के रूप में काम में लिया जाता है। जब कोई टीम गलत किक लगती है या फिर किसी टीम को फाल्ट पॉइंट मिलता है तो उस समय ऑफ साइड (offside) शब्द का उपयोग किया जाता है।

अंदर फेंकना (Throw in) – ये एक प्रकार का नियम है जो की केवल फुटबॉल में ही काम में लिया जाता है। इस नियम का उपयोग तब किया जाता है जब किसी एक टीम के द्वारा बॉल को ग्राउंड से बाहर कर किया जाता है तो सामने वाली टीम को थ्रू इन करने का मौका मिलता है।

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