आईपीएल में नो बॉल क्या होती है और कितने प्रकार की होती है।

दोस्तों क्रिकेट देखने वालो को पता होता है की आईपीएल में कौन कौनसी बॉल होती है और उनको क्या बोला जाता है लेकिन अगर बात आकर केवल नो बॉल के बारे में ही तो ये भी बहुत प्रकार की होती है। यहां पर हम बात करने वाले है की आईपीएल और दूसरे क्रिकेट मैच में कौन कौनसे प्रकार की नो बॉल होती है और ये किस प्रकर से निश्चित की जाती है की ये नो बॉल है या नहीं।

नो बॉल क्या होती है।

नो बॉल का प्रचलन जब से क्रिकेट चल हुवा है तब से ही सुर्खियों में रहा है लेकिन कोई इसपर ज्यादा धयान नहीं देकता है की आखिर नो बॉल क्या होती है और इसका उपयोग क्यों किया जाता है। नो बॉल ऐसी बॉल को बोलै जाता है जो की दिए गए पैमाने से ऊपर या निचे या उस पैमाने के अनुसार बॉलर के द्वारा नहीं फेकि जाती है।

मतलब की ऐसी बॉल जो की एक फिक्स स्टैण्डर्ड के अनुसार नहीं होती है। जैसे की ज्यादा निचे भी नहीं ज्यादा ऊपर भी नहीं और साथ में पिच के अनुसार ही हो तो उसे नो बॉल नहीं मन जायेगा लेकिन अगर वो बॉल इन स्टैण्डर्ड के अनुसार नहीं हो तो उसे अम्पायर के द्वारा नो बॉल घोषित कर दिया जाता है।सिंपल भाषा में कहे तो नो बॉल वो है जो की क्रिकेट के नियमो के अनुसार नहीं फेकि जाती है।

नो बॉल को क्यों चालू किया गया था।

वैसे तो दोस्तों हर चीज़ को चालू या बंद करने के पीछे कुछ न कुछ कारन होता है और ऐसे ही क्रिकेट में नो बॉल को चालू करने का कारन सिंपल था की कोई भी बॉलर बोलिंग का अनुश्चित लाभ नहीं उठा सके।

क्रिकेट में नो बॉल के प्रकार।

क्रिकेट में नो बॉल कही प्रकार की होती है और उनमे से ज्यादातर लोगो को केवल मुख्य प्रकार की नो बोलो के बारे में पता रहता है लेकिन आज हम बात करने वाले है सभी प्रकार की नो बोलो के बारे में। क्रिकेट में नो बॉले 11 प्रकार की होती है। और आपको सभी के बारे में यहां बताया गया है।

#1. फ्रंट फुट नो बॉल

फ्रंट फुट नो बॉल क्रिकेट में सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। इसलिए ज्यादातर लोग इस तरह की नो बॉल के बारे में जानते है।

जब गेंद उनके हाथ से निकल जाती है, तो गेंदबाज के सामने के पैर का कुछ हिस्सा पॉपिंग क्रीज के पीछे होना चाहिए। यदि किसी गेंदबाज का पैर लाइन के पीछे पड़ता है और बाद में उस पर स्लाइड करता है तो यह ठीक है नहीं तो उसे नो बॉल कहा जाता है और इस प्रकार की नो बॉल को फ्रंट फुट नो बॉल कहा जाता है।

#2. रिटर्न क्रीज को छूने वाली नो बॉल

ये भी काफी कमान नो बॉल की लिस्टमे आती है क्युकी ज्यादातर मैचों में ये देखने को मिलती है। इस बॉल की आशंका होने पर रिटर्न क्रीज के स्टंप के दोनों और दो सीधी रेखाएं खींचकर गांड की स्थिति देखि जाती है। जब बॉल इन दोनों लीणो के बिच में से नहीं जाती है तो इसे हम रिटर्न क्रीज को छूने वाली नो बॉल कहते है ।

#3. फुल टॉस

फुल टॉस नो बॉल के बारे में भी हममे से ज्यादातर लोग जानते है की आखिर फुल टॉस नो बॉल क्या होती है। इसमें बॉल अगर कमर से ऊपर जाती है तो उसे फुल टॉस नो बॉल कहा जाता है ।

#4. हाइट बाउंस

गेंद सिर की ऊंचाई पर उछलती है तो नो बॉल मानी जाती है। गेंद सिर की ऊंचाई पर उछलती है या फिर सर की ऊंचाई से ज्यादा उछलती है तो इसे हाइट बाउंस नो बॉल का नाम दिया जाता है जो की पिच पर निर्भर करती है।

#5. मल्टीप्ल बाउंस नो बॉल

मल्टीपल बाउंस बॉल के नाम से पता चल रहा है की अगर बॉल एक से ज्यादा बार बाउंस करती है तो इसको मल्टीप्ल बाउंस कहते है। और इस तरह से की गयी बॉल को नो बॉल कहा जाता है।

#6. नो बॉल अगर विकेट कीपर स्टंप्स के सामने है

नो बॉल अगर विकेट कीपर स्टंप्स के सामने है तो इस टाइम भी अगर कोई बॉलर बॉल करता है तो इसको नो बॉल की केटेगरी में रखा जाता है। क्युकी जब विकेट कीपर स्टंप के सामने होता है तो उस टाइम बैट्समैन को खेलने में दिक्क्त आ जाती है इसलिए इसे नो बॉल की केटेगरी में रखा जाता है।

#7. बैक फुट नो बॉल

बैक फुट नो बॉल का सम्बन्ध पीछे के पेरो से है यदि गेंदबाज का पिछला पैर डिलीवरी पर रिटर्न क्रीज को तोड़ता है तो इस तरह की बॉल को भी नो बॉल कहा जाता है। और इस टाइम भी नो बॉल के अनुसार ही कार्यवाही होती है।

#8. स्ट्राइकर के विकेट से पहले गेंद का रुकना।

दोस्तों ये स्लो बॉल की केटेगरी में भी आती है जब गेंद को फेका जाता है तो गांड अगर स्ट्राइकर तक ही न पहुंचे तो इस तरह की बॉल को भी नो बॉल की केटेगरी में रहा जाता है। और जैसे की आपको नाम से ही पता चल रहा है की गेंद अगर स्ट्राइकर तक ही नहीं पहुंचेगी तो फिर हम गेंद फेकने का मतलब क्या रह जाता है।

#9. लेग साइड नो बॉल

इस तरह की नो बल सबसे कम देखने को मिलती है क्युकी बॉल का लेग साइड में बहुत ज्यादा जाना भी बहुत कम होता है और इसी वजह से हमे ये देखने को कम मिलती है .

#10. खतरनाक गेंदबाजी के लिए नो बॉल

खतरनाक गेंदबाजी एक सामान्य शब्द है जिसे अंपायर द्वारा लागू किया जा सकता है।कभी कभी इसको लागु नहीं भी किया जाता है, फुल टॉस और हेड हाई बाउंसरों के बाहर, इसकी अपनी केटेगरी है तो आप इसको ऑप्शनल लिस्ट में रख सकते हो। क्युकी बहुत बार इसको लागु नहीं किया जाता है जबकि कही बार इसको सख्ती के साथ लागु किया जाता है।

#11. अंडरआर्म बॉलिंग

अंडरआर्म बॉलिंग को भी नो बॉल की केटेगरी में रखा जाता है और जैसे की आपको पता ही होगा की क्रिकेट के इतिहास में इस तरह की बॉल को लेर पन्गा भी हो चूका है जिसमे अंडरआर्म बॉलिंग की वजह से टीम हार गयी थी इसके बारे में आपको और डिटेल जाननी है तो आप यह पर क्लिक कर के पढ़ सकते है। अंडरआर्म बॉलिंग को लेकर क्या लफड़ा हुवा है

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